मंगलवार, मार्च 10

उमंगों के रंग




रंगों का आया है सुंदर त्यौहार
होली मनालो मुहब्बत से यार
रहे न वीरान ये हमारी धरा है जो
हरियाली से इसका करदो श्रींगार


नज़र न लगे इस अपने वतन को
तिरंगे फहरादों अन्तरिक्ष के पार

छू लो के रोशन हो जाए ये जीवन
मिट जाए मन के सभी अन्धकार

उस रंग से रंग दो जो जाए कभी न
तुम क्या कहोगे, उसे कहते है प्यार

रंगों का आया है पावन त्यौहार
उमंगों से इसको महका दो यार




6 टिप्‍पणियां:

Dr.Bhawna ने कहा…

बहुत सुंदर रचना.... होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ...

"अर्श" ने कहा…

बहोत खूब साहिब क्या बात कही है आपने
छू लो के रोशन हो जाए ये जीवन
मिट जाए मन के सभी अन्धकार

बहोत खूब कही आपने... होली के पवन पर्व
पे मेरे तरफ से आपको तथा आपके पुरे परिवार को
ढेरो बधाईयाँ और शुभकामनाएं..

अर्श

sandhyagupta ने कहा…

होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ.

manu ने कहा…

HLOI ka parv aapko b bahut mubarak.

Iti ने कहा…

Holi to mann bhi chuki....I'm late :( ......but still ummeed karti hoon, khushiyan bani rahengi apke jeevan aur parivar mein

Babli ने कहा…

पहले तो मै आपका तहे दिल से शुक्रियादा करना चाहती हू कि आपको मेरी शायरी पसन्द आयी !
मेरी हर एक शायरी पे आपने इतना सुन्दर कमेन्ट दिया कि दिल बाग बाग हो गया ! मै बहुत खुशकिस्मत हू कि आप जैसे इतने बडे लेखक के साथ मुलाकात हुई और ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे आपसे सिखने को बहुत कुछ मिलेगा ! आप एक बहुत ही उन्दा कलाकार है और मै आप का ब्लोग रोज़ाना पडती हू !