शनिवार, मार्च 14

साँस

एक साँस ले चुका...

एक साँस बाकी है....

दो सांसों के बीच मैं

अटका हुआ अस्तित्व मेरा

मै मुर्दा भी नही ..................

अभी दूसरी साँस लेनी बाकी है

मै जीवन और मृत्यु के बीच

फंसी एक आत्मा हूँ

जिसने कभी मोक्ष नही चाहा

18 टिप्‍पणियां:

"अर्श" ने कहा…

waah ji waah kya baat kahi aapne ... gahari thinking ka pata chalta hai sahi kaha ek saas liya ek saas baaki hai... bahot achhe...

arsh

BrijmohanShrivastava ने कहा…

सुमन जी की कविता ""सांसों का हिसाब दो "" की याद दिलादी अभिन्न जी /

*KHUSHI* ने कहा…

एक साँस ले चुका...एक साँस बाकी है....


मै जीवन और मृत्यु के बीच फंसी एक आत्मा हूँ


Wah sureji, kitna gahera marm hai inn panktiyon mai... bahot khoob....

*KHUSHI* ने कहा…

एक साँस ले चुका...एक साँस बाकी है....


मै जीवन और मृत्यु के बीच फंसी एक आत्मा हूँ


Wah sureji, kitna gahera marm hai inn panktiyon mai... bahot khoob....

kumar Dheeraj ने कहा…

अभिनव जी आप ने कमाल का पोस्ट किया है । खासकर जीवन और जीवन के बीच चलनेवाले टकरार के बीच आपने जो लिखा है बेमिसाल है । मुझे ये पक्तिया काफी अच्छी लगी
एक साँस ले चुका...

एक साँस बाकी है....

दो सांसों के बीच मैं

अटका हुआ अस्तित्व मेरा

मै मुर्दा भी नही

Puneet Sahalot ने कहा…

no comments.... ;)
ispe ab kya kahu... samaj nahi aa raha h... :(

bahut hi ghehrayi ki baat or seedhe saral shabdko ka prayog...
:)

seema gupta ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
seema gupta ने कहा…

मै जीवन और मृत्यु के बीच फंसी एक आत्मा हूँ
we are dangling between the compulsions of life on the one and fears of death on the other hand its our soul which is facing all these dillemmas. (in ur words)

i agree with you.

Regards

Harkirat Haqeer ने कहा…

एक साँस ले चुका...

एक साँस बाकी है....

दो सांसों के बीच मैं

अटका हुआ अस्तित्व मेरा

मै मुर्दा भी नही ..................

अभी दूसरी साँस लेनी बाकी है

मै जीवन और मृत्यु के बीच

फंसी एक आत्मा हूँ

जिसने कभी मोक्ष नही चाहा

बहुत अच्छी रचना ....!!

abhishek ने कहा…

ek saans le chuka ek saans baaki hai

bohot khoob

very nice yaar

abhishek ने कहा…

chek my blog plzz

"अर्श" ने कहा…

kaise ho janaab.... bahot dino se gaayab ho kahan ho aap????/

arsh

sandhyagupta ने कहा…

Kaphi sundar aur arthpurna.Badhai.

bhootnath( भूतनाथ) ने कहा…

kyaa baat hai bhaayi saahab....!! bahut himmat hai aapme....!!

shama ने कहा…

Padhne to aapki rachnayen aayee thee...bohot dinose aapke blogkaa link kho chukee thee..lekin slide show dekha to apnee "Fiber Arts" ke istemaalse banee kuchh tasveeren aankhonke saamne ghoom gayeen...kuchh to load kee huee hain," Fiber art" is blogpe...lekin thodeehee...samay mile to zaroor padharen...
Aur haan...zindagee haihee do saanson ke beechkaa fasla...kaunsi aakharee hogi kisne jana?

Babli ने कहा…

आप का ब्लोग मुझे बहुत अच्छा लगा और आपने बहुत ही सुन्दर लिखा है ! मेरे ब्लोग मे आपका स्वागत है !

Puneet Sahalot ने कहा…

kya bhaiya.... 'saans' kahaan atak gayi aajkal..??? kuchh naya nhi aya blog par kaafi dino se... kya baat hai..???

Nirmla Kapila ने कहा…

पहली बार आपका ब्लोग देखा बहुत अच्छा लगा मार्मिक लाजवाब अभिव्यक्ति है आभार्