गुरुवार, अक्तूबर 9

तन्हाँ यहाँ पे हम है


तन्हाँ यहाँ पे हम है ,पिन्हा कहीं हो आप ,
हमे याद कर लिया करो,जहाँ कहीं हो आप,
सुरुरोसोज़ तेरे इश्क ने बे इन्तहां हमे दे दिए
सरगमे गम हों आप नगमा-ऐ-ख़ुशी हों आप
एक लाश हूँ बेक़ब्र मैं ,बेखबर हूँ अपने आप से
मेरा दिल कहीं ,रूह कहीं ,मेरी जां कहीं हों आप

9 टिप्‍पणियां:

RC ने कहा…

बहुत ही बढ़िया रचना !

BrijmohanShrivastava ने कहा…

प्रिय ,इतने अच्छे रचना कार हो तो पूरा नाम पता लिखिए ब्लॉग पर /हर रचना कार अपना नाम अखवार या ब्लॉग पर देखना चाहता है /कुछ लोग जो बेहूदगी भरी टिप्पणियाँ करते है वे अपना नाम छुपाते है मैंने आपका चित्र देखा =माशाल्लाह चेहरे से नूर टपकता है ,व्यक्तित्व बिल्कुल आई ऐ एस अफसर जैसा और लिखनी कमाल की सिर्फ़ आख़िरी लाइन में पीडा भरदी ""दिल कहीं ,रूह कहीं , जान कहीं ,और आप कहीं ""इस लाइन मेदर्द है ,दर्द का व्यान है , ये लाइन पुराने गानों की तरह नहीं है की ""इस दिल के टुकड़े हजार हुए कोई यहाँ गिरा कोई वहाँ गिरा /आपकी लाइन मे एक थिंकिंग है ,दर्शन है =अब अगला कमेन्ट आपकी दूसरी रचना पर लिखूंगा

RC ने कहा…

Please read my response to your comment on my Gazal 'tera ishq' on kavimitra ..
That post has become old and out of list, so I had to explicitly inform you to read my comment ..

Prakash singh "Arsh" ने कहा…

एक लाश हूँ बेक़ब्र मैं ,बेखबर हूँ अपने आप से
मेरा दिल कहीं ,रूह कहीं ,मेरी जां कहीं हों आप

bahot hi sundar tarif ki hai aapne ,sundar shabdon se sajaya hai aapne lekhani ka purn parichay diya ... dhero badhai aapko ...

regards

seema gupta ने कहा…

'maira dil kaheen, maire ruh kaheen......what to say i too agree with Brijmohan jee and Arsh jee' Regards

abhishek ने कहा…

thanx for ur comment on my blog placeofloves.blogspot.com

keep visiting i updated my blog

BrijmohanShrivastava ने कहा…

दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएं /दीवाली आपको मंगलमय हो /सुख समृद्धि की बृद्धि हो /आपके साहित्य सृजन को देश -विदेश के साहित्यकारों द्वारा सराहा जावे /आप साहित्य सृजन की तपश्चर्या कर सरस्वत्याराधन करते रहें /आपकी रचनाएं जन मानस के अन्तकरण को झंकृत करती रहे और उनके अंतर्मन में स्थान बनाती रहें /आपकी काव्य संरचना बहुजन हिताय ,बहुजन सुखाय हो ,लोक कल्याण व राष्ट्रहित में हो यही प्रार्थना में ईश्वर से करता हूँ ""पढने लायक कुछ लिख जाओ या लिखने लायक कुछ कर जाओ ""

betuki@bloger.com ने कहा…

एक लाश हूं बेकब्र.. लाजबाब।

shama ने कहा…

"Mera dil kaheen, ruh kaheen, meree jaan kaheen ho aap"...bohot nazakatse likhe gaye alfaaz, pooree rachnake...badhaee ho!